सप्लाई की कमी और बढ़ती मांग से खाद्य तेल कीमतों में मजबूती
खाद्य तेल बाजार में इस समय हल्की मुनाफावसूली देखी जा रही है, लेकिन समग्र रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, खासकर पाम तेल और सोया तेल में। पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद, आज CBOT मई कॉन्ट्रैक्ट 0.54% नीचे खुला, जबकि KLC में 0.32% की गिरावट दर्ज हुई। बाजार के जानकार इस गिरावट को केवल अस्थायी सुधार मान रहे हैं, न कि ट्रेंड में किसी कमजोरी का संकेत। फिलहाल CBOT सोयाबीन और सोया तेल फ्यूचर्स सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं, क्योंकि ट्रेडर्स USDA की आगामी प्लांटिंग और स्टॉक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कच्चा तेल $100 प्रति बैरल से ऊपर बना रहने के कारण सोया तेल को मजबूत समर्थन मिल रहा है। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें बायोडीजल को अधिक लाभदायक बनाती हैं, जिससे सोया तेल की मांग बढ़ती है। अमेरिका और अन्य देशों की बायोफ्यूल नीतियां भी सोया तेल की खपत को लगातार बढ़ावा दे रही हैं, जिससे कीमतों पर नीचे की ओर दबाव सीमित बना हुआ है। पाम तेल के मामले में, बर्सा मलेशिया (KLC) में पिछले एक महीने के दौरान जोरदार तेजी देखी गई है और कीमतें 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है, जहां पाम तेल के दाम लगभग ₹5 प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। इस तेजी के पीछे प्रमुख कारण इंडोनेशिया का आक्रामक B50 बायोडीजल कार्यक्रम है, जो पाम तेल की मांग को मजबूत कर रहा है। साथ ही, वैश्विक स्तर पर शिपमेंट में देरी और कम भंडार के कारण सप्लाई भी तंग बनी हुई है। मध्य-पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच, बाजार में अनिश्चितता बनाए हुए है। हालांकि, यही स्थिति कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रख रही है, जिससे खाद्य तेल बाजार को अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा है।ट्रेडर्स के नजरिए से, मांग, बुवाई के अनुमान और भू-राजनीतिक संकेत फिलहाल मिले-जुले हैं, जिसके चलते अल्पकाल में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसके बावजूद, बाजार का समग्र रुख सकारात्मक है। आगे के अनुमान के अनुसार, पाम तेल की कीमतों में अगले 15 दिनों में ₹4-6 प्रति किलो तक और बढ़ोतरी संभव है, जबकि लंबी अवधि में ₹7-10 प्रति किलो तक तेजी देखी जा सकती है। सोया तेल भी कच्चे तेल की मजबूती और बायोडीजल की मांग के चलते मजबूत बना रह सकता है। वर्तमान में सोया तेल के दाम कांडला में ₹1535 प्रति 10 किलो और मुंबई में ₹1560 प्रति 10 किलो तक पहुंच चुके हैं। कुल मिलाकर, अल्पकाल में हल्की गिरावट या स्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन जब तक मध्य-पूर्व में तनाव बना रहता है, कच्चा तेल $100 प्रति बैरल से ऊपर रहता है और वैश्विक सप्लाई तंग रहती है, तब तक पाम और सोया तेल दोनों में तेजी का रुझान जारी रहने की संभावना है। हालांकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव अचानक कम होता है, तो बाजार में गिरावट आ सकती है, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना कम दिखाई देती है।