एथेनॉल और निर्यात मांग से मक्का बाजार में मजबूती, ₹2300 तक संभावना

मक्का बाजार इस समय एक संतुलित स्थिति में नजर आ रहा है, जहां एक ओर भारी सप्लाई का दबाव है, वहीं दूसरी ओर धीरे-धीरे मजबूत होती मांग कीमतों को सहारा दे रही है। वर्तमान में मंडियों में मक्का का औसत भाव करीब ₹1,771 प्रति क्विंटल चल रहा है। हालांकि, मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में नई रबी फसल की अधिक आवक के कारण भाव गिरकर लगभग ₹1,550 प्रति क्विंटल तक आ गए हैं। हाल के हफ्तों में मक्का के भाव ₹1,780 से बढ़कर ₹2,050 प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर बाजार ने मजबूत आधार बना लिया है। महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह करीब ₹50 की गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन एथेनॉल कंपनियों की दोबारा सक्रिय खरीद के चलते भाव ₹1,800 से बढ़कर लगभग ₹1,950 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। बारिश के कारण फिलहाल आवक में थोड़ी रुकावट आई है, लेकिन 5 अप्रैल के बाद सप्लाई फिर से बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, बिहार में नई फसल की आवक 15 अप्रैल के बाद शुरू होने की संभावना है। बिहार की मंडियों में भाव पहले ही ₹2,150 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुके हैं, जबकि मध्य प्रदेश में गोदाम स्तर पर कीमतें ₹1,750-1,900 के बीच चल रही हैं। हरियाणा और पंजाब में डिलीवरी के साथ मध्य प्रदेश का मक्का ₹2,250 और बिहार का मक्का ₹2,350 प्रति क्विंटल तक बोला जा रहा है। इस साल देश में मक्का उत्पादन का अनुमान करीब 43 मिलियन टन है, जो अच्छी बारिश, बढ़े हुए रकबे और सरकारी प्रोत्साहन का परिणाम है। MSP पर लगभग 59% का लाभ किसानों के लिए आकर्षक बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर भी सप्लाई पर्याप्त है, जहां उत्पादन का अनुमान करीब 1.299 बिलियन टन है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, मांग का पक्ष तेजी से मजबूत हो रहा है, खासकर भारत में एथेनॉल उद्योग मक्का की खपत को तेजी से बढ़ा रहा है। अनाज आधारित एथेनॉल क्षमता बढ़कर 8.58 बिलियन लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे करीब 12.5 से 12.8 मिलियन टन मक्का की खपत हो सकती है। इसके साथ ही DDGS की बढ़ती मांग के कारण पशु आहार के लिए उपलब्धता कुछ हद तक सीमित हो रही है, जो बाजार को अतिरिक्त सहारा दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी मक्का बाजार को समर्थन दे रही हैं। निर्यात की बात करें तो दक्षिण-पूर्व एशिया और बांग्लादेश से भारत को अच्छी मांग मिल रही है, जिससे बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है। वहीं, पोल्ट्री फीड इंडस्ट्री की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। कुल मिलाकर, शॉर्ट टर्म में ₹1,950 प्रति क्विंटल को मजबूत सपोर्ट स्तर माना जा रहा है, जबकि ऊपर की तरफ ₹2,300 का स्तर संभव दिखाई दे रहा है। मौजूदा व्यापारिक रुझानों के आधार पर आगे ₹100 प्रति क्विंटल तक की और तेजी की संभावना बनती नजर आ रही है।

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