3 साल 6 महीने के बाद बांग्लादेश ने हिली लेंड पोर्ट के जरिए भारत से गेहूं आयात फिर से शुरू किया

हमारी गेहूं बाजार संबंधी पिछली रिपोर्ट सही साबित हो रही है। उत्तर भारत को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बाजार धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रहा है। यह मजबूती केवल मांग की वजह से नहीं, बल्कि सप्लाई में दिक्कतों के कारण भी है। सोमवार को मंडियों में गेहूं के भाव स्थिर से हल्की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। हरियाणा और पंजाब जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में आवक बढ़ने का असर दिल्ली में भी देखा गया, जहां कल शाम भाव ₹2,500 प्रति क्विंटल पर गिर गए। आज सुबह भी बाजार इसी स्तर पर खुले। अन्य प्रमुख बाजारों में भाव इस प्रकार रहे: गोंडा ₹2,345, नजफगढ़ ₹2,330, छिंदवाड़ा ₹2,430, उज्जैन ₹2,330, जयपुर ₹2,470, राजकोट ₹2,350, इंदौर ₹2,400, कोलकाता ₹2,650, बूँदी ₹2,350 और खेर ₹2,290 प्रति क्विंटल। मौसम ने इस बार फसल की क्वालिटी पर असर डाला है, जिससे यह बाजार में मजबूती का सबसे बड़ा कारण बन गई है। बारिश के चलते अच्छी क्वालिटी का गेहूं प्रभावित हुआ है और किसान उच्च गुणवत्ता वाला माल रोककर बैठ गए हैं। मंडियों में मुख्य रूप से औसत या कम गुणवत्ता वाला गेहूं ही सीमित मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए जो खरीदार अच्छी क्वालिटी चाहते हैं, उन्हें वर्तमान भावों पर माल ढूँढना आसान नहीं है, और बाजार में गिरावट की संभावना फिलहाल कम है। दक्षिण भारत में खरीदारों की मजबूत मांग जारी है। उन्होंने कल पिछले दिन की तुलना में ₹10-₹20 प्रति क्विंटल ऊंचे भाव पर खरीदारी की, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। पूर्वी भारत में भी कीमतें पहले ही ₹70-₹80 प्रति क्विंटल तक बढ़ चुकी हैं, जो सप्लाई की तंगी को दर्शाता है। हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि बांग्लादेश भारत से गेहूं आयात कर सकता है। अब 3 साल 6 महीने और 13 दिन के बाद भारत से हिली लेंड पोर्ट के जरिए निर्यात शुरू हो गया है। शनिवार को 116 टन गेहूं लेकर 3 ट्रक पहुंचे, जो 29 सितंबर 2022 के बाद पहली खेप थी। हालांकि निर्यात की शुरुआत हुई है, बड़े स्तर पर अभी संभावना सीमित है। भारत में ऊंचे दामों के कारण बांग्लादेश के लिए आयात महंगा है। वहां कनाडा, यूक्रेन और स्थानीय गेहूं लगभग ₹34 प्रति किलो बिक रहा है, जिससे आयातक सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं। कुल मिलाकर, घरेलू बाजार में क्वालिटी इश्यू और दक्षिण भारत की मजबूत मांग ने गेहूं के भाव को थामे रखा है। निकट भविष्य में भी बाजार स्थिर से मजबूत रहने की संभावना है, हालांकि तेजी की गति धीमी बनी रह सकती है।

Insert title here