अप्रैल में उत्तर भारत में क्यों नहीं बढ़ रही गर्मी? जानिए मौसम की बड़ी वजह
अप्रैल के इस महीने में उत्तर भारत में सामान्य से कम गर्मी देखने को मिली है, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में दिन का तापमान आमतौर पर 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि रात का तापमान भी कई जगहों पर 15 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया। इस असामान्य ठंडक के पीछे प्रमुख कारण लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ रहे, जिनके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार बारिश और बर्फबारी हुई और उसका असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ा। इन पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में चक्रवाती परिसंचरण बना, जिससे 2 से 8 अप्रैल के बीच सामान्य से 158% अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही पहाड़ों से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने भी तापमान को नियंत्रित रखा। इन हवाओं ने न केवल दिन की गर्मी को बढ़ने से रोका, बल्कि रात के तापमान को भी नीचे बनाए रखा, जिससे मौसम में हल्की ठंडक बनी रही। एक और महत्वपूर्ण कारण यह रहा कि पाकिस्तान के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी इस बार सामान्य से कम गर्मी पड़ी। जैकबाबाद, रोहरी, नवाबशाह और हैदराबाद जैसे अत्यधिक गर्म क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा, जिससे वहां से आने वाली गर्म हवाएं उत्तर भारत तक नहीं पहुंच पाईं। आमतौर पर यही हवाएं राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में गर्मी को बढ़ाती हैं। आने वाले दिनों में हालांकि मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता कम होने के साथ तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा और पाकिस्तान से गर्म हवाएं भी भारत की ओर आ सकती हैं। इसके बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की गतिविधियों के कारण तापमान में अचानक वृद्धि की संभावना कम है। अगले एक सप्ताह में गर्मी बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल भीषण हीट वेव की संभावना कम ही बनी हुई है।