महाराष्ट्र बना देश का सबसे गर्म राज्य, वीकेंड से शुरू होगी आँधी-तूफान और बारिश की गतिविधि
महाराष्ट्र इस समय देश के सबसे अधिक गर्म राज्यों में से एक बना हुआ है। राज्य के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी का असर देखा जा रहा है। कोंकण तट को छोड़कर लगभग पूरे राज्य में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच चुका है, जबकि कई क्षेत्रों में यह 42°C से भी अधिक दर्ज किया गया है। अकोला में लगातार तीन दिनों से देश का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जहां अधिकतम तापमान 44°C तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 3–4 दिनों तक महाराष्ट्र के आंतरिक हिस्सों में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है। इसका मुख्य कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक के ऊपर लगभग 10,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई पर बना एंटी-साइक्लोन है, जो हवा को नीचे की ओर धकेल रहा है। इसके चलते सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है और गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो गया है। यह स्थिति 18 अप्रैल तक बनी रह सकती है। हालांकि, सप्ताहांत से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 18–19 अप्रैल के आसपास कई मौसमी सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे एंटी-साइक्लोन कमजोर पड़ सकता है। दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और गुजरात के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की आशंका है, जो महाराष्ट्र के पश्चिमी हिस्सों में हवाओं की दिशा को प्रभावित करेगा। साथ ही, एक ट्रफ रेखा विदर्भ से लेकर तमिलनाडु और केरल तक सक्रिय हो सकती है। इन मौसमी बदलावों के चलते 19 से 22 अप्रैल के बीच विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की संभावना है। ये मौसम गतिविधियाँ अलग-अलग समय पर विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकती हैं। 23–24 अप्रैल तक इसका असर कुछ हिस्सों में बना रह सकता है, जिससे भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।