मक्का की बढ़ती आवक और मांग में हल्की मजबूती ,बिहार में मक्का में गिरावट, दिल्ली और जयपुर में स्थिर भाव
देशभर की मक्का मंडियों में बुधवार को नई आवक के चलते हल्का दबाव रहा। बिहार की मंडियों में कल 60-70 रुपये की गिरावट देखी गई, लेकिन गुलाब बाग मंडी में ₹10 का सुधार हुआ और भाव ₹1900 पर टिके। सेमापुर में ₹1860, कुरसेला में ₹1850, रैक प्वाइंट पर ₹1850, दिल्ली में ₹2100, जयपुर में ₹2050, छिंदवाड़ा में ₹1850, तिरुपति स्टार्च प्लांट इंदौर में ₹1900, सांगली में ₹2050 और राजकोट में ₹1825 प्रति क्विंटल भाव रहे। गुलाब बाग मंडी में आवक बढ़कर 8000 टन तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई साइड मजबूत बनी हुई है। रुद्रपुर में इथेनॉल कंपनियों की खरीद ₹1840 पर हो रही है, जो इंडस्ट्रियल डिमांड के धीरे-धीरे सपोर्ट देने का संकेत देती है। उमेर्गा में SHK केमटेक क्वालिटी मक्का ₹1930 पर ट्रेड हुआ और हल्की +10 रुपये की मजबूती भी देखने को मिली। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भाव ₹2050 प्रति क्विंटल के आसपास रहे, लेकिन यहाँ करीब ₹25 की कमजोरी दर्ज हुई। मध्य प्रदेश और कर्नाटक के बाजार स्थिर बने रहे, जबकि महाराष्ट्र के बारामती, सांगमनेर और सुपा जैसे फीड बेल्ट में 5 से 20 रुपये तक की गिरावट देखी गई। होशियारपुर में भी ₹50 की गिरावट हुई। खरगोन मंडी में भाव ₹1750 के दायरे में टिके रहे और 500-600 वाहनों की आवक दर्ज हुई। डिमांड की स्थिति पर ध्यान दें तो पोल्ट्री और फीड सेक्टर में हल्की कमजोरी अभी भी बनी हुई है, जिससे ओवरऑल बाजार पर दबाव है। हालांकि, इथेनॉल सेक्टर की खरीद थोड़ी राहत प्रदान कर रही है। ग्लोबल स्तर पर बाजार में स्थिति थोड़ी अलग है। ब्राजील में फर्टिलाइज़र की कमी और एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ने से खपत बढ़ सकती है। अमेरिका में भी फर्टिलाइज़र उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है, जो आने वाली फसल पर असर डाल सकती है। दक्षिण अफ्रीका में कमजोर निर्यात से स्टॉक बढ़ने की संभावना है। मौसम भी महत्वपूर्ण कारक है; अमेरिका के मिडवेस्ट में बारिश फसल को सपोर्ट कर सकती है, लेकिन एल-नीनो जैसी स्थिति आने पर पूरा ट्रेंड बदल सकता है। कुल मिलाकर शॉर्ट टर्म में दबाव और लॉन्ग टर्म में हल्की तेजी के संकेत दिख रहे हैं।