सोयाबीन बाजार में सुस्ती बरकरार, कमजोर मांग ने थामी कीमतों की रफ्तार

देश के तेल-तिलहन बाजार में सोयाबीन की कीमतों पर बीते सप्ताह दबाव बना रहा और कमजोर मांग, पर्याप्त आवक तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले स्थिर संकेतों के चलते भाव सीमित दायरे में रहे। बाजार सूत्रों के अनुसार प्रमुख मंडियों में सोयाबीन का कारोबार लगभग ₹6,900 से ₹7,100 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में गुणवत्ता और स्थानीय मांग के आधार पर हल्का अंतर देखा गया क्योंकि क्रशिंग यूनिट्स की खरीदारी सामान्य बनी हुई है लेकिन आक्रामक मांग का अभाव बना हुआ है। बाजार में नियमित आवक और सोया मील (डीओसी) की केवल सामान्य मांग के चलते न तो तेजी का माहौल बन पा रहा है और न ही कीमतों में उल्लेखनीय सुधार दिख रहा है, वहीं स्टॉकिस्ट भी सीमित खरीदारी कर रहे हैं जिससे दबाव कायम है। जानकारों के अनुसार पाम ऑयल और सोया तेल जैसे आयातित खाद्य तेलों की उपलब्धता ने घरेलू तिलहन बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है और सस्ते आयात के कारण क्रशिंग मार्जिन प्रभावित होने से सोयाबीन की मांग पर भी असर पड़ा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे पाम तेल और सोया तेल की कीमतों में स्थिरता ने भी घरेलू भावों को सीमित दायरे में रखा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगे सोयाबीन की कीमतें मानसून की प्रगति, खरीफ बुवाई और वैश्विक खाद्य तेल बाजार के रुझानों पर निर्भर करेंगी और यदि बुवाई क्षेत्र में बढ़ोतरी तथा मौसम अनुकूल रहता है तो कीमतों में स्थिरता या हल्की नरमी बनी रह सकती है, जबकि निष्कर्ष रूप में फिलहाल सोयाबीन बाजार में मजबूत तेजी के संकेत नहीं हैं और कमजोर मांग व पर्याप्त आपूर्ति के कारण कीमतें सीमित दायरे में बनी रहने की संभावना है।

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