देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून, अगले 48 घंटों में और विस्तार की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी प्रगति जारी रखते हुए 22 जून को मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के शेष भागों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और क्षेत्रों को कवर कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के शेष मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के और हिस्सों (मुंबई सहित), तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अतिरिक्त क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में 23 से 28 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजस्थान में 23 जून को 50 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चल सकती है। उत्तर प्रदेश में 23 से 25 जून के दौरान कई स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। बिहार और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 जून तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जलभराव और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कोंकण-गोवा क्षेत्र में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी व्यापक वर्षा होगी। तेलंगाना में 23 से 28 जून के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

Insert title here