देशभर के गेहूं बाजार में तेजी का माहौल, मिलों की खरीद से कीमतों को मिला सहारा

देश के गेहूं बाजार में लगातार मजबूती का माहौल बना हुआ है। प्रमुख मंडियों, फ्लोर मिलों और व्यापारिक केंद्रों में सक्रिय खरीदारी के चलते गेहूं की कीमतों में ₹15 से ₹30 प्रति क्विंटल तक का सुधार दर्ज किया गया। व्यापारियों का कहना है कि घरेलू मांग मजबूत रहने और सीमित आवक के कारण बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गेहूं बाजार को सकारात्मक संकेत मिले हैं। हाल ही में जारी अमेरिकी USDA रिपोर्ट के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं के उत्पादन और स्टॉक को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों को समर्थन मिला। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला और व्यापारिक धारणा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई। घरेलू बाजार में आटा मिलों की लगातार खरीद, किसानों द्वारा सीमित मात्रा में बिक्री तथा अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की मजबूत मांग ने बाजार को अतिरिक्त सहारा दिया है। आटा, मैदा और सूजी उद्योगों की नियमित मांग के कारण मिलें लगातार खरीदारी कर रही हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बनने के बजाय मजबूती बनी हुई है। देश के विभिन्न बाजारों में गेहूं के प्रमुख भाव इस प्रकार रहे—दिल्ली लॉरेंस रोड ₹2,750, मथुरा (मिल डिलीवरी) ₹2,750, गोरखपुर ₹2,730, हापुड़ ₹2,710, कोलकाता ₹2,775, हैदराबाद ₹2,910–2,940, पुणे (लोकवान) ₹2,800, इंदौर (लोकवान) ₹3,070 तथा सीहोर (शरबती) ₹4,848 प्रति क्विंटल पर कारोबार दर्ज किया गया। दोपहर बाद ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) को लेकर बाजार में कुछ चर्चाएं जरूर हुईं, जिसके कारण दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में खरीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। हालांकि इसका असर सीमित रहा और अधिकांश प्रमुख बाजारों में कारोबार सामान्य रूप से चलता रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार की ओर से OMSS के तहत खुले बाजार में गेहूं की बिक्री को लेकर कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया जाता और फ्लोर मिलों की खरीद इसी तरह जारी रहती है, तो दिल्ली लाइन में निकट अवधि के दौरान गेहूं के भाव ₹2,780 से ₹2,820 प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर मौजूदा परिस्थितियों में गेहूं बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि आने वाले समय में सरकारी नीतियों, OMSS से जुड़े निर्णयों, बाजार में उपलब्धता और गेहूं की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखना जरूरी होगा। ऐसे में व्यापारियों और किसानों को बाजार की बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

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