मजबूत औद्योगिक मांग और रिकॉर्ड निर्यात से देश का मक्का बाजार लगातार मजबूत

देश के मक्का बाजार में मजबूती का रुख लगातार बना हुआ है। कमजोर आवक, रिकॉर्ड स्तर का निर्यात, स्टार्च एवं एथेनॉल उद्योगों की सक्रिय खरीद और खरीफ बुवाई की धीमी रफ्तार ने बाजार को मजबूत आधार प्रदान किया है। फिलहाल बाजार में बिकवाली का दबाव सीमित है, जबकि खरीदार आवश्यक खरीद लगातार कर रहे हैं। महाराष्ट्र की लाइन सबसे मजबूत बनी हुई है। प्रीमियम क्वालिटी मक्का ₹2,600–2,625 प्रति क्विंटल तक कारोबार कर रहा है। मुंबई में भाव ₹2,510, मालेगांव ₹2,480, ससरा ₹2,520, परभणी ₹2,460 तथा नागपुर ₹2,460 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। उद्योगों की मजबूत मांग के कारण ऊंचे भाव पर भी खरीद जारी है। स्टार्च और एथेनॉल उद्योगों की खरीद लगातार बाजार को सहारा दे रही है। गोदावरी बायोरिफाइनरीज कुशी ₹2,350, ग्रीन विजन एथेनॉल ₹2,325, तिरुपति स्टार्च ₹2,370, रोकेट इंडस्ट्रीज़ गोकाक ₹2,450, शक्ति भोग अक्कलकोट ₹2,375 तथा सिमरन एग्रो ₹2,410–2,425 प्रति क्विंटल तक खरीद कर रहे हैं। वहीं इको एथेनॉल ₹2,175, जयराज एथेनॉल ₹2,215, बिहार शरीफ ₹2,175, रूद्रपुर स्टार्च ₹2,200, पानीपत लाइन ₹2,375 और कैथल में ₹2,400 प्रति क्विंटल तक खरीद दर्ज की गई। मंडियों में भी बाजार मजबूत बना हुआ है। सांगली में मक्का ₹2,500–2,675, गोंदर ₹2,350–2,370, बोसराय ₹2,200, ससरमी ₹2,200–2,240, खरगोन ₹2,200–2,250, एरोड ₹2,400 तथा हापुड़ ₹2,050–2,090 प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार हुआ। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण आवक सीमित रही, जिससे कीमतों को समर्थन मिला। आवक अभी भी सामान्य से कमजोर बनी हुई है। पूर्णिया और डांगरगंज में लगभग 8,000-8,000 क्विंटल, पीरपैंती में 3,000–4,000 क्विंटल, बुलंदशहर में 5,000 क्विंटल, हापुड़ में 300–400 क्विंटल, खरगोन में 50–100 क्विंटल तथा बेगूसराय में केवल 15 क्विंटल की आवक दर्ज की गई। सीमित आपूर्ति बाजार की मजबूती का प्रमुख कारण बनी हुई है। निर्यात के मोर्चे पर भी स्थिति बेहद सकारात्मक है। वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में भारत का मक्का निर्यात 10.80 लाख टन तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह केवल 2.29 लाख टन था। नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम, श्रीलंका और भूटान से लगातार मांग बनी हुई है। आगे की बात करें तो बिहार लाइन में ₹2,200–2,250 प्रति क्विंटल का मजबूत सपोर्ट, ₹2,350–2,400 का तत्काल रेजिस्टेंस और ₹2,650–2,700 प्रति क्विंटल का प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है। आने वाले 2–4 सप्ताह में मानसून की प्रगति, खरीफ बुवाई, औद्योगिक खरीद और निर्यात मांग बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार का रुख स्थिर से मजबूत रहने की संभावना है।

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